वायरल हो रहीं रेसलर कविता देवी (Kavita Devi) क्यों करना चाहती थीं आत्महत्या?

हरियाणा की रेसलर कविता देवी (Kavita Devi) इस वक्त ट्रेंड कर रही हैं. दरअसल कविता देवी की कहानी काफी हैरान करने वाली है. जाहिर अभी जिस मुकाम पर वो पहुँच गई हैं वहां से सोचने पर लगेगा कि इतनी सफल रेसलर आखिर आत्महत्या क्यों करना चाहती थी. तो आइए आज इसी की पड़ताल करते हैं.

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हरियाणा की रेसलर कविता देवी (Kavita Devi) इस वक्त ट्रेंड कर रही हैं. दरअसल कविता देवी की कहानी काफी हैरान करने वाली है. जाहिर अभी जिस मुकाम पर वो पहुँच गई हैं वहां से सोचने पर लगेगा कि इतनी सफल रेसलर आखिर आत्महत्या क्यों करना चाहती थी. तो आइए आज इसी की पड़ताल करते हैं.

वायरल हो रहीं रेसलर कविता देवी (Kavita Devi) क्यों करना चाहती थीं आत्महत्या?

तो क्यों आत्महत्या करना चाहती थीं Kavita Devi?

इनका जीवन कदम कदम पर चुनौतियों से भरा हुआ था. एक बार को तो वो इतनी टूट गईं कि जिन्दगी से हार मानकर आत्महत्या का इरादा भी कर लिया. लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था, वो आत्महत्या में नाकाम रहीं. लेकिन तब उनका साथ देने वाला भी कोई नहीं था. उनके पति भी उनका साथ नहीं दे रहे थे. लेकिन इन्होंने ठान लिया था कि उन्हें किसी भी तरह खेलना है. बस अब रोकने वालों की परवाह न करते हुए आगे बढ़ चलीं.

ये भी अजीब विडम्बना है कि जिस राज्य में औरतों को लेकर इतनी बातें होती हैं उसी राज्य की महिलाओं और लड़कियों ने देश में अपनी मजबूत पहचान भी बनाई है. हम बात कर रहे हैं हरियाणा की, जहाँ से कविता देवी आती हैं. आपको जानकार आश्चर्य होगा कि कविता देवी अब डब्ल्यूडब्ल्यूई में रेसलिंग कर रही हैं. वो भी सलवार सूट पहनकर. है न हैरानी की बात, लेकिन ये सच है. यूट्यूब पर उपलोड किए गए इनके इस विडियो को अब तक 35 लाख से ज्यादा लोगों ने देख लिया है. उनकी मजबूती इस बात से भी पता चलती है कि इतना सब उन्होंने एक माँ होते हुए भी किया है.

अब भी अपने ही अंदाज में लड़ती हैं

वायरल हो रहीं रेसलर कविता देवी (Kavita Devi) क्यों करना चाहती थीं आत्महत्या?

इसके पीछे का कारण भी कम महत्वपूर्ण नहीं है. दरअसल उन्होंने समाज के जिस रूप से लड़कर यहाँ तक का सफर तय किया था, समाज के उस कुंठित रूप को ही ध्वस्त करने के लिए उन्होंने रिंग में सलवार पहना. क्योंकि अब तक ये एक धारणा बन गई थी कि रेसलिंग के लिए एक विशेष तरह की पोशाक चाहिए. लेकिन वो दिखाना चाहती थीं कि ये सलवार में भी उसी मजबूती के साथ किया जा सकता है.

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