आखिर क्यों बदलना पड़ेगा धोनी (Dhoni) को अपना बल्ला? जानिए पूरी बात

हेडिंग में नाम केवल धोनी (Dhoni) का लिखा है लेकिन ये बात कई और क्रिकेटरों पर भी लागू होती है. लेकिन इसमें घबराने की कोई बात नहीं है ये बस आईसीसी के नियमों में बदलाव करने से हुआ है. दुसरी बात ये है कि इसके शिकार केवल धोनी ही नहीं बल्कि कई और क्रिकेटर भी हुए हैं.

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आखिर क्यों बदलना पड़ेगा धोनी (Dhoni) को अपना बल्ला? जानिए पूरी बात

हेडिंग में नाम केवल धोनी (Dhoni) का लिखा है लेकिन ये बात कई और क्रिकेटरों पर भी लागू होती है. लेकिन इसमें घबराने की कोई बात नहीं है ये बस आईसीसी के नियमों में बदलाव करने से हुआ है. दुसरी बात ये है कि इसके शिकार केवल धोनी ही नहीं बल्कि कई और क्रिकेटर भी हुए हैं.

आखिर क्यों बदलना पड़ेगा धोनी (Dhoni) को अपना बल्ला? जानिए पूरी बात

धोनी (Dhoni) के साथ और कौन?

आईसीसी के बनाए नए नियम 1 अक्तूबर से लागू हो जाएंगे. उसके बाद कुछ बल्लेबाजों जिसमें महेंद्र सिंह धोनी भी शामिल हैं, को अपनी रणनीति बदलनी पड़ सकती है. इन बल्लेबाजों में प्रमुख रूप से महेंद्र सिंह धोनी, डेविड वॉर्नर, क्रिस गेल और किरेन पोलार्ड शामिल हैं. जाहिर है कि ये सभी लगभग एक ही जैसे गेंदबाजों की बखिया उधेड़ते हैं. लेकिन अब आईसीसी के नए नियम के अनुसार बल्ले के निचले हिस्से की मोटाई 40 मिमी से अधिक नहीं हो सकती है. ये फैसला इस वर्ष मार्च में मार्लबॉन क्रिकेट क्लब (एमसीसी) ने लिया था. यानी कि इसके दायरे में आने वाले खिलाड़ियों को अब नए बैट रखने होंगे.

लेकिन भातीय कप्तान रहेंगे अप्रभावित

जैसा कि ऊपर से ये बात स्पष्ट है कि जिन बल्लेबाजों के बल्ले के निचले हिस्से की मोटाई 40 मिमी से कम है उन्हें किसी प्रकार का कोई बदलाव नहीं करना होगा. इन बल्लेबाजों में कुछ प्रमुख नाम हैं विराट कोहली, एबी डि विलियर्स, ऑस्ट्रेलिया के स्टीव स्मिथ और इंग्लैंड के जो रूट आदि. हलांकि किरेन पोलार्ड ने अपना बैट आईपीएल के दौरान ही बदल लिया था. उनका कहना था कि अक्टूबर तक का इंतजार करने से क्या फायदा. विराट कोहली के अतिरिक्त भी ज्यादातर भारतीय बल्लेबाजों के बल्ले की मोटाई 40 मिमी से कम है. आपको बता दें कि नए नियमों के अनुसार बल्ले की चौड़ाई 108एमएम और गहराई 67एमएम हो सकती है. वहीं एज यानी किनारा 40एमएम से ज्यादा नहीं हो सकता.

आखिर क्यों बदलना पड़ेगा धोनी (Dhoni) को अपना बल्ला? जानिए पूरी बात

जाहिर है कि जिन बल्लेबाजों के बल्ले के निचले हिस्से की मोटाई 50 मिमी के आसपास होता है उन्हें गेंदबाजों पर हमला करने में आसानी होती है. क्रिकेट के छोटे प्रारूपों में तो ये तूफ़ान मचा देते हैं. लेकिन अब शायद रफ़्तार थम सकती है. हलांकि विराट कोहली जैसे बल्लेबाज तो 40 मिमी के बल्ले से भी कहर बरपाने का दम रखते हैं.

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